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हिन्दी और इन्टरनेट साक्षरता ज्ञान के क्षेत्र में मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धि इंटरनेट है. इसके द्वारा कम्प्यूटर और टेलीफोन प्रौद्योगिकियों के संयोजन से सूचना और संचार के क्षेत्र में चमत्कारी परिवर्तन लाये गये हैं. आजकल यदि कोई व्यक्ति इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकता तो वह व्यवहारिक रूप से असाक्षर माना जाता है. इंटरनेट के ज़रिए ई-मेल, ई-वाणिज्य, ई-शासन आदि संभव हो सके हैं. इंटरनेट पर हम एक वेबसाइट द्वारा अपने विचारों और गतिविधियों को प्रकाशित कर सकते हैं. दुनिया में कोई भी जानकारी इंटरनेट पर लगभग तुरंत किसी भी खर्चे के बिना प्राप्त की जा सकती है. आजकल पूरी दुनिया में इंटरनेट का उपयोग हो रहा है लेकिन कुछ देशों में यह प्रयोग कम है और कुछ में ज़्यादा. भारत में ५ प्रतिशत जनसंख्या इंटरनेट का उपयोग करती है. यह अनुपात विकसित देशों की तुलना में, जहां इंटरनेट को ७० प्रतिशत से अधिक लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, बहुत कम है. भारत में अंग्रेजी को ही इंटरनेट की भाषा माना जाता है. लेकिन यह स्थिति यूनिकोड के माध्यम से बदल रही है. विश्व की अधिकांश भाषाओं को यूनिकोड के द्वारा इंटरनेट पर देखा जा सकता है. भारतीय भाषाओं, खासकर हिंदी, को भी अब यूनिकोड के माध्यम से इंटरनेट पर देखा जाता है. हिन्दी भारत की राष्ट्र भाषा है और दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. यह आवश्यक है कि इंटरनेट पर हिन्दी का प्रयोग और बढ़े. इस संबंध में उचित क़दम उठाना आवश्यक है अन्यथा हिन्दी बोलने वाले लोग सूचना, संचार और ज्ञान के क्षेत्र में पीछे रह जायेंगे. इंटरनेट का उपयोग नहीं करने वाले हिन्दी भाषी लोगों को दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है. पहली श्रेणी में वे लोग हैं जो हिंदी में साक्षर हैं लेकिन इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकते. दूसरी श्रेणी में वे लोग आते हैं जो हिन्दी बिलकुल नहीं पढ़-लिख सकते. यूनिकोड के माध्यम से इंटरनेट का प्रयोग साक्षर लोगों के लिए बहुत आसान हो गया है. सूचना, समाचार, साहित्य आदि अब यूनिकोड हिन्दी में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. हिन्दी से अन्य भाषाओं में तथा अन्य भाषाओं से हिन्दी में अनुवाद करने की सुविधाएं भी इंटरनेट पर उपलब्ध हैं. हिन्दी भाषी अशिक्षित लोगों को रोमनागरी और सरल हिन्दी लिपि के माध्यम से आसानी से हिंदी लिखना-पढ़ना सिखाया जा सकता है. हिन्दी को सरल लिपि मैं सीखने के बाद वे सुगमता से इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं. इंटरनेट पर प्राप्त सरल उपकरण भी स्वयं सीखने के लिए प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं. इस विषय पर तर्कसंगत दलील और हिंदी भाषा तथा यूनिकोड, रोमनागरी और सरल हिन्दी लिपियों के बारे में विस्तृत जानकारी www.saralhindi.com वेबसाइट पर उपलब्ध है. इस वेबसाइट पर भिन्न लिपियों में हिन्दी-उर्दू साहित्य भी उपलब्ध है. यह वेबसाइट इन्टरनेट पर हिंदी साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए एक उपयुक्त साधन है.
Some texts in Unicode Hindi may be seen at the following links:
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